सामग्री पर जाएं
क्रिकेट के नियम हिंदी में: 5 साल की गलतियों से क्या सीखा
विशेष ब्रीफिंग

क्रिकेट के नियम हिंदी में: 5 साल की गलतियों से क्या सीखा

क्रिकेट के नियम हिंदी में समझने हों तो सबसे पहले LBW सीखिए, क्योंकि पूरे खेल में सबसे ज़्यादा विवाद इसी पर होता है। मैरिलबोन क्रिकेट क्लब यानी MCC के बनाए 42 नियमों के "लॉज़ ऑफ़ क्रिकेट" को ICC अंतररा...

5 अक्टूबर 2026 5 min read
❦

क्रिकेट के नियम हिंदी में: 5 साल की गलतियों से क्या सीखा

क्रिकेट के नियम हिंदी में समझने हों तो सबसे पहले LBW सीखिए, क्योंकि पूरे खेल में सबसे ज़्यादा विवाद इसी पर होता है। मैरिलबोन क्रिकेट क्लब यानी MCC के बनाए 42 नियमों के "लॉज़ ऑफ़ क्रिकेट" को ICC अंतरराष्ट्रीय मैचों में अपनाता है। पिच 22 गज़ (20.12 मीटर) की होती है, हर टीम में 11 खिलाड़ी खेलते हैं, T20 में 20 ओवर, वनडे में 50 ओवर और टेस्ट में पाँच दिन तक मैच चलता है। T20 में पहले 6 ओवर पावरप्ले के होते हैं, जिसमें सिर्फ़ दो फ़ील्डर घेरे के बाहर रह सकते हैं, और एक गेंदबाज़ अधिकतम 4 ओवर फेंक सकता है। नो-बॉल के बाद अगली गेंद फ़्री हिट होती है और वाइड पर एक अतिरिक्त रन जुड़ता है। गली क्रिकेट या लोकल टूर्नामेंट के नियम अलग हो सकते हैं, इसलिए टॉस से पहले कप्तान से ओवर, वाइड और रनर के नियम ज़रूर पूछ लीजिए।

friends playing evening cricket on a dusty neighbourhood ground, bowler mid-delivery, batter ready, golden light

MCC के नियमों की प्रस्तावना कहती है: "क्रिकेट का आकर्षण और आनंद इसी में है कि इसे सिर्फ़ नियमों के अनुसार ही नहीं, बल्कि खेल की भावना के भीतर भी खेला जाए।" पहली बार पढ़ा तो मैंने सोचा, भाई, ये तो किताबी बातें हैं। फिर एक बार ऐसी वेबसाइट के चक्कर में फँसा जो "पक्की भविष्यवाणी" बेचती थी और नियम तक गलत लिखती थी। तब से मेरी आदत बन गई है कि हर बात दो जगह से मिलाता हूँ। ध्यान देने वाली बात यह है कि नियम जानना कोई शौक नहीं, बचाव है। जो आदमी नियम नहीं जानता, उसे हर कोई घुमा सकता है, चाहे वह टीवी का कमेंटेटर हो या गली का अंपायर। इसलिए इस लेख में मैंने सब कुछ रटवाने की जगह सिर्फ़ पाँच नियम चुने हैं, उन्हें रैंक किया है और बताया है कि क्यों। खेल का मैदान पर हम मैच समीक्षा और खिलाड़ियों के आंकड़े लिखते समय यही पाँच नियम सबसे ज़्यादा बार खोलते हैं। आप भी पढ़ लीजिए, वरना अगली बार दोस्तों के सामने "ये आउट कैसे?" पूछते रह जाएँगे, और हम सब हँसेंगे, है ना?

और जानें

टॉप 5 क्रिकेट नियम एक नज़र में क्या हैं?

मेरी रैंकिंग में पहले नंबर पर LBW है, फिर नो-बॉल और फ़्री हिट, तीसरे पर पावरप्ले की फ़ील्डिंग पाबंदियाँ, चौथे पर DRS और अंपायर्स कॉल, और पाँचवें पर वाइड व स्टॉप-क्लॉक। हर नियम एक पंक्ति के कारण के साथ नीचे दिया है।

  1. LBW (लेग बिफ़ोर विकेट): सबसे ज़्यादा विवाद, सबसे ज़्यादा गलतफ़हमी।
  2. नो-बॉल और फ़्री हिट: एक छोटी सी गलती, और बल्लेबाज़ को पूरी गेंद मुफ़्त।
  3. पावरप्ले और फ़ील्डिंग पाबंदियाँ: स्कोरबोर्ड की रफ़्तार इसी से तय होती है।
  4. DRS और अंपायर्स कॉल: फ़ैसले पर सवाल उठाने का आधिकारिक तरीका।
  5. वाइड और स्टॉप-क्लॉक: रोज़ के मैच में रन और समय दोनों चुपचाप इन्हीं से खिसकते हैं।

यह सूची मैंने अपनी पसंद से नहीं, कसौटियों से बनाई है, जिनका ब्योरा आगे "कैसे रैंक किया" वाले हिस्से में है। असली बात यह है कि पाँचों नियम एक-दूसरे से जुड़े हैं। नो-बॉल पर फ़्री हिट मिलती है, फ़्री हिट अक्सर पावरप्ले में सबसे ज़्यादा महँगी पड़ती है, और LBW का फ़ैसला बिगड़े तो DRS काम आता है। यानी एक नियम सीखेंगे तो बाकी चार अपने आप आसान लगने लगेंगे। जिन्हें पूरा नियम-संग्रह चाहिए, वे [Internal Link: क्रिकेट के सभी 42 नियमों की पूरी सूची] देख सकते हैं।

#1 LBW: क्या यही सबसे ज़रूरी नियम है?

हाँ, LBW सबसे ज़रूरी है, क्योंकि यही बल्लेबाज़ के आउट होने का सबसे आम और सबसे विवादित तरीका है। गेंद विकेट पर लगती दिखे, पर पहले पैड से टकराए, और पिच लेग स्टंप के बाहर न हो, तो बल्लेबाज़ आउट दिया जाता है।

असली खेल शर्तों में है। गेंद लेग स्टंप के बाहर पिच न हुई हो, पैड पर लगने की जगह स्टंप की सीध में हो, और अंदाज़ा यह हो कि गेंद स्टंप पर जा रही थी। अब वह बात जो ज़्यादातर पन्ने नहीं बताते: अगर बल्लेबाज़ ने शॉट खेलने की कोशिश की है, तो पैड ऑफ़ स्टंप के बाहर लगने पर भी आउट दिया जा सकता है। शॉट न खेला हो, तब वही गेंद नॉट आउट रहती है। यही वजह है कि "पैर आगे निकालकर पैड से खेलना" कई बार बच जाता है और कई बार नहीं। मेरे हिसाब से नए दर्शक की सबसे बड़ी गलती यह मान लेना है कि गेंद बल्ले को छूकर पैड पर लगी तो भी LBW होगा। बल्ला पहले छू ले, तो LBW होता ही नहीं। मैंने यह खुद एक दोस्त से शर्त हारकर सीखा, और शर्त भी चाय की थी, इसलिए ज़्यादा दर्द नहीं हुआ। LBW की समझ आपको स्कोरकार्ड पढ़ते समय भी काम आती है, क्योंकि "lbw b" लिखा देखकर आप समझ जाते हैं कि गेंदबाज़ ने बल्लेबाज़ को लाइन और लेंथ में फँसाया था। ऐसे विश्लेषण हम [Internal Link: मैच समीक्षा और गेंदबाज़ी रणनीति] वाले हिस्से में रोज़ लिखते हैं।

umpire raising his finger for an LBW decision while a batter looks back at the stumps, stadium crowd behind

और जानें

#2 नो-बॉल और फ़्री हिट: गली और लोकल मैच के लिए सबसे अच्छा नियम कौन सा है?

गली और लोकल मैच में सबसे काम का नियम नो-बॉल और फ़्री हिट है, क्योंकि यहीं सबसे ज़्यादा बहस होती है। नो-बॉल के बाद अगली गेंद फ़्री हिट होती है, जिस पर बल्लेबाज़ ज़्यादातर तरीकों से आउट नहीं हो सकता, सिर्फ़ रन-आउट जैसे तरीके बचे रहते हैं।

नो-बॉल तब होती है जब गेंदबाज़ का अगला पैर क्रीज़ की रेखा के बाहर पड़े या गेंद कमर से ऊपर फुल टॉस आए, और सामने की तरफ़ बल्लेबाज़ को एक रन अलग से मिलता है। अंतरराष्ट्रीय सफ़ेद गेंद क्रिकेट में अगली गेंद फ़्री हिट होती है, लेकिन ज़्यादातर लोग यह भूल जाते हैं कि फ़्री हिट पर भी रन-आउट मान्य है। यही बात मेरे हाथ लगे एक स्थानीय टूर्नामेंट के नियम-पत्र में भी साफ़ लिखी थी, जिसमें हर टीम में 9 खिलाड़ी, मैच 16 ओवर का और पारी की पहली व आख़िरी गेंद पर रन दोगुने गिनने का प्रावधान था। मतलब यह कि "मैजिक ओवर" जैसे अजीब नियम भी हो सकते हैं, जो किसी किताब में नहीं मिलेंगे। ऐसे टूर्नामेंट में सबसे बड़ी गलती यह मानना है कि अंतरराष्ट्रीय नियम ही लागू होंगे। मेरी सलाह सीधी है: खेलने से पहले आयोजक से लिखित नियम माँगिए, और अगर कोई देने से कतराए तो भाई, वहाँ दो बार सोचिए। मैं एक बार ठगा जा चुका हूँ, इसलिए ऐसे "नियम बाद में बताएँगे" वाले लोगों पर भरोसा नहीं करता।

#3 पावरप्ले और फ़ील्डिंग पाबंदियाँ: क्या यह सबसे किफ़ायती नियम है?

हाँ, समझ के हिसाब से यह सबसे किफ़ायती है, क्योंकि एक नियम सीखते ही आप रन-रेट का उतार-चढ़ाव पढ़ने लगते हैं। T20 में पहले 6 ओवर में घेरे के बाहर सिर्फ़ दो फ़ील्डर रह सकते हैं, वनडे में तीन चरण होते हैं।

अब ज़रा आँकड़े देखिए। T20 में पावरप्ले पहले 6 ओवर का होता है और हर गेंदबाज़ अधिकतम 4 ओवर फेंकता है। वनडे में 50 ओवर का मैच तीन हिस्सों में बँटता है: ओवर 1 से 10 तक सिर्फ़ दो फ़ील्डर बाहर, ओवर 11 से 40 तक चार, और ओवर 41 से 50 तक पाँच फ़ील्डर बाहर रह सकते हैं। हर गेंदबाज़ को अधिकतम 10 ओवर मिलते हैं। टेस्ट मैच इन सबसे अलग है, जहाँ आम तौर पर रोज़ कम से कम 90 ओवर फेंके जाते हैं और पाँच दिन तक खेल चल सकता है। असली बात यह है कि ये पाबंदियाँ बल्लेबाज़ों को खुलकर हाथ चलाने का मौका देती हैं, और इसीलिए पहले छह ओवर में विकेट गिरना टीम के लिए दोहरी चोट होती है। इन पाबंदियों को समझ लेने पर [Internal Link: IPL कवरेज और बल्लेबाज़ी रणनीति] पढ़ना मज़ेदार हो जाता है, क्योंकि तब "पावरप्ले में 60 रन" का मतलब आपको समझ आता है, सिर्फ़ संख्या नहीं दिखती। इसीलिए मैं इसे "बेस्ट वैल्यू" कहता हूँ: कम मेहनत, ज़्यादा समझ।

और जानें

हमने इन नियमों को कैसे रैंक किया?

हमने हर नियम को चार कसौटियों पर अंक दिए: विवाद की आवृत्ति 35%, स्कोर पर असर 25%, नए दर्शक के लिए उलझन 25% और लोकल मैच में उपयोगिता 15%। सबसे ज़्यादा कुल अंक पाने वाला नियम पहले नंबर पर रखा गया।

ये वज़न मेरे अपने हैं, कोई आधिकारिक फ़ॉर्मूला नहीं, इसलिए आप चाहें तो बदलकर देख लीजिए। LBW को विवाद की कसौटी पर लगभग पूरे अंक मिले, क्योंकि लगभग हर बड़े मैच में इस पर बहस होती है। नो-बॉल और फ़्री हिट को उपयोगिता में बढ़त मिली, क्योंकि गली से लेकर आईपीएल तक यह हर जगह चलता है। पावरप्ले ने स्कोर पर असर में बाज़ी मारी। DRS चौथे नंबर पर इसलिए रहा कि वह सिर्फ़ बड़े टूर्नामेंट में मिलता है, जबकि गली में रिव्यू का सवाल ही नहीं उठता। हर नियम की पुष्टि मैंने विकिपीडिया का लॉज़ ऑफ़ क्रिकेट पन्ना और MCC की आधिकारिक साइट से दोबारा मिलाई, क्योंकि हिंदी के कई पुराने पन्ने बिना स्रोत के हैं, और हिंदी विकिपीडिया का "क्रिकेट के नियम" पन्ना भी खुद कहता है कि उसमें संदर्भ नहीं दिए गए हैं। कसौटियों का सार नीचे है:

  • विवाद की आवृत्ति (35%): कितनी बार अंपायर के फ़ैसले पर बहस होती है।
  • स्कोर पर असर (25%): रन या विकेट पर सीधा प्रभाव।
  • शुरुआती के लिए उलझन (25%): नया दर्शक कितनी जल्दी गड़बड़ाता है।
  • लोकल उपयोगिता (15%): गली और क्लब मैच में कितना लागू होता है।

close-up of a cricket scorecard on a phone screen with a notebook and pen on a wooden table

आपको कौन सा नियम पहले सीखना चाहिए?

अगर आप बिल्कुल नए हैं तो LBW से शुरू कीजिए, फिर नो-बॉल और फ़्री हिट, और उसके बाद पावरप्ले। DRS, वाइड और स्टॉप-क्लॉक को तब पढ़िए जब आप टीवी पर पूरा मैच बिना सवाल पूछे देख पाने लगें।

नियम चौथे और पाँचवें पर भी कमज़ोर नहीं हैं, बस उनका असर देर से दिखता है। DRS में हर टीम को सीमित रिव्यू मिलते हैं, और ध्यान देने वाली बात यह है कि अगर गेंद का आधे से कम हिस्सा स्टंप से टकराता दिखे, तो फ़ैसला मैदानी अंपायर का ही रहता है। इसे "अंपायर्स कॉल" कहते हैं, और यही वह जगह है जहाँ आधे दर्शक बिना वजह भड़क जाते हैं। वाइड और स्टॉप-क्लॉक को मैं अक्सर टाल देता हूँ, पर ICC ने सफ़ेद गेंद क्रिकेट में ओवरों के बीच 60 सेकंड की घड़ी लगाई है, और बार-बार देरी करने पर बल्लेबाज़ी टीम को 5 रन अतिरिक्त मिल सकते हैं। यानी समय बर्बाद करना भी रन में बदलता है। ICC की आधिकारिक वेबसाइट पर वर्तमान खेल शर्तें देखी जा सकती हैं। मेरी राय में ज़्यादा रटने की ज़रूरत नहीं है, बस इतना याद रखिए कि हर नियम का एक मक़सद है: खेल को निष्पक्ष और रोचक रखना। आगे और भी [Internal Link: खिलाड़ी आंकड़े और रिकॉर्ड की जानकारी] देखिए, ताकि नियमों के साथ आंकड़ों का मज़ा भी आए। और हाँ, किसी भी ऐसी साइट से दूर रहिए जो नियम गलत बताकर भरोसा जीतना चाहे।

और जानें

Frequently Asked Questions

Q: क्रिकेट के नियम किसने बनाए हैं और कितने हैं?

A: क्रिकेट के नियम मैरिलबोन क्रिकेट क्लब (MCC) बनाता और समय-समय पर बदलता है, और इनमें कुल 42 नियम हैं। इन्हें "लॉज़ ऑफ़ क्रिकेट" कहा जाता है। ICC अपने टूर्नामेंट में इन्हें अपनाता है, लेकिन टी20, वनडे और टेस्ट की अपनी अलग खेल शर्तें भी जोड़ता है, जैसे ओवरों की संख्या और पावरप्ले। इसलिए हर फ़ॉर्मेट के लिए अलग-अलग नियम-पत्र पढ़ना बेहतर रहता है।

Q: नए खिलाड़ी क्रिकेट के नियम कैसे सीखें?

A: सबसे आसान तरीका है पहले LBW, नो-बॉल और पावरप्ले सीखना, फिर असली मैच देखते समय हर विकेट का कारण स्कोरकार्ड में ढूँढना। हर मैच में दो-तीन आउट होने के तरीके पहचानने की कोशिश कीजिए। महीने भर में आप बिना किताब खोले ज़्यादातर फ़ैसले समझ जाएँगे। शक हो तो MCC की साइट या किसी भरोसेमंद स्रोत से मिलान कीजिए, किसी रैंडम वीडियो पर आँख मूँदकर भरोसा मत कीजिए।

Q: LBW और बोल्ड में क्या अंतर है?

A: बोल्ड में गेंद सीधे स्टंप से टकराती है, जबकि LBW में गेंद पहले बल्लेबाज़ के पैड से टकराती है और अंपायर तय करता है कि वह स्टंप पर जा रही थी। बोल्ड में कोई बहस नहीं होती, क्योंकि बेल्स गिर जाती हैं। LBW में लाइन, पिच की जगह और पैड पर लगने की जगह तीनों जाँचे जाते हैं। इसीलिए यहीं सबसे ज़्यादा रिव्यू माँगे जाते हैं।

Q: क्या फ़्री हिट पर बल्लेबाज़ आउट नहीं हो सकता?

A: नहीं, ऐसा नहीं है, फ़्री हिट पर बल्लेबाज़ रन-आउट हो सकता है। बोल्ड, कैच और LBW जैसे तरीके फ़्री हिट पर लागू नहीं होते, लेकिन रन-आउट जैसे कुछ तरीके मान्य रहते हैं। कई लोकल टूर्नामेंट में यही बात अलग तरह से लिखी होती है, इसलिए खेल शुरू होने से पहले अंपायर या आयोजक से पुष्टि कर लीजिए, वरना बाद में बहस पक्की है।

Q: DRS क्या है और हर टीम को कितने रिव्यू मिलते हैं?

A: DRS यानी डिसीज़न रिव्यू सिस्टम, जिसमें टीम तकनीक की मदद से अंपायर के फ़ैसले को चुनौती दे सकती है। रिव्यू की संख्या फ़ॉर्मेट के हिसाब से तय होती है, और आम तौर पर हर टीम को सीमित संख्या में असफल रिव्यू की गुंजाइश मिलती है। अगर फ़ैसला "अंपायर्स कॉल" निकले तो रिव्यू गिना नहीं जाता, इसलिए कप्तान ऐसे मामलों में जोखिम उठा लेते हैं। गली क्रिकेट में आम तौर पर DRS नहीं होता।

Q: अगर लोकल टूर्नामेंट के नियम ICC से अलग हों तो क्या करें?

A: ऐसे में आयोजक के लिखित नियम ही आपके मैच में मान्य होंगे, इसलिए खेलने से पहले उन्हें पढ़ लीजिए। 9 खिलाड़ी, 16 ओवर, पहली-आख़िरी गेंद पर दोगुने रन और मैजिक ओवर जैसे नियम असल में चलते हैं। अगर नियम नहीं मिलते या स्पष्ट नहीं हैं, तो टॉस से पहले दोनों कप्तानों के सामने बोलकर तय कर लीजिए और किसी तीसरे साथी से नोट करवा लीजिए।

क्रिकेट के नियम हिंदी में जानना कोई रॉकेट साइंस नहीं है, बस सही क्रम में सीखना है: LBW, नो-बॉल, पावरप्ले, DRS और फिर बाकी सब। मैंने ठगे जाने के बाद यही सीखा कि जानकारी जाँचना ही सबसे सस्ता बीमा है। खेल का मैदान पर हम इसी भरोसे के साथ रोज़ मैच समीक्षा और आंकड़े लिखते हैं, ताकि आप अगली बार दोस्तों के बीच नियम समझाने वाले बनें, सवाल पूछने वाले नहीं।

और जानें

§

पढ़ने के लिए धन्यवाद।

❦

खेल का मैदान · Strategic Archive

संबंधित लेख